Entries by mayur

Badal Gaye Tum

अब आगे की राहें बड़ी टेढ़ी – मेढ़ी  बँट गयी यार दुआएँ   सब तेरी – मेरी    थोड़ा थोड़ा सा तेरा  थोड़ा थोड़ा सा मेरा  थोड़ा सा दोनों का भरम    मेरा हिस्सा भी तेरा  तेरा हिस्सा भी तेरा  मेरा तो क़िस्सा ही ख़तम    बदल गए तुम  बदल गए तुम    बदल गए तुम  […]

Haq Tumko Hi

दिल दुखाने का  हक़ तुमको ही… तुमको ही, तुमको ही…     सौ दफ़ा तड़पाने का  हक़ तुमको ही… तुमको ही, तुमको ही…   रूठ ले मुझसे तू  रूठ ना खुदसे तू  सोयी तक़दीरें  सोयी-सी उम्मीदें  फिर से जगाने का हक़ तुमको ही    भूल जाने का  हक़ तुमको ही… तुमको ही, तुमको ही…      दिल दुखाने का  हक़ […]

Mr. Malang

O mister मलँग कट गयी पतंग  घर में लगी आग  और दरवज्जा बँद    O mister मलँग कट गयी पतंग  घर में लगी आग  और दरवज्जा बँद    क्यूँ… उखड़े-उखड़े हो   और मुखड़े-वुखड़े को   लगा है नया रंग   दिल… टुकड़े टुकड़े जी    और दुखड़े-वुखड़े की  खुद गयी लम्बी सुरंग    तुम धीरे धीरे धीरे धीरे राज्जा  कहीं के […]

Jabre Piya

मुखड़ा :   जबरे पिया  फेंके हो ऐसा जाल अबके-अबके  के जाए नहीं बचके   मन बावरा  सरकारी बस की चढ़ा     छत पे छत पे  के खाए कैसे धचके   भरी दोपहरी  लगी कचहरी  अब married-वैरीड हो!   रस्सी तुम्हारी  और खूँटी तुम्हारी  अब married-वैरीड हो!   जबरे पिया  फेंके हो ऐसा जाल अबके-अबके-अबके…   लाख टके का सावन […]

Art Is Forever

Art exists to poke fingers in society’s festering sores. Art exists to blast open the sewers so that it’s stench makes difficult for people to breathe. Art exists to give a voice to voiceless. Art exists to scream out loud what we are too afraid to admit to ourselves. Art exists to spit in our […]